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त्र्यंबकेश्वर पूजा

"भारत में बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक दिव्य ज्योतिर्लिंग है"
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त्र्यंबकेश्वर पूजा
Trimbakeshwar temple

यह कहा जाता है की, १२ ज्योतिर्लिंग में से एक त्र्यंबकेश्वर महादेव मंदिर में पूजा करने से किसी भी व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। त्र्यंबकेश्वर के ब्रह्मगिरि पर्वत पर पवित्र नदी गंगा का उगम हुआ है, और औदुम्बर वृक्ष के जड़ो से बहती है। इसके साथ ही त्र्यंबकेश्वर पवित्र है क्योकि, वह भगवन गणेश का जन्मस्थान है और त्रिसंध्या गायत्री का स्थान है। कहा जाता है की, ऋषि गोरखनाथ उनके धर्मपत्नी के साथ त्र्यंबकेश्वर में रहे थे। त्र्यंबकेश्वर में और इसके आसपास बहुत ही सुखद आध्यात्मिक वातावरण है।

त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग का वैशिष्ट्य यह है की, वह त्रिदेवता को दर्शाता है, जिसका रोज अभिषेक होता है।

त्र्यंबकेश्वर मंदिर में किये जाने वाले विभिन्न पूजा अनुष्ठान :-

त्र्यंबकेश्वर मंदिर विभिन्न पूजा करने के लिए प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है, नारायण नागबली, त्रिपिंडी श्राद्ध, कालसर्प पूजा, रूद्र अभिषेक, कुम्भ विवाह, महामृत्युंजय जाप जैसी पूजाए तिथि (मुहूरत) पर पुरोहितो द्वारा मार्गदर्शन में की जाती है।

कालसर्प योग :-

ग्रहो की अव्यवस्था की वजह से ( बाकी ग्रह राहु और केतु के बिच में आ जाने से) यह दोष निर्माण होता है। इससे होने वाली समस्याओ को दूर करने के लिए कालसर्प योग पूजा की जाती है।

नारायण नागबली पूजा:-

पितृ दोष को मिटाने के लिए और पूर्वजो के शाप से मुक्त होने के लिए यह नारायण नागबलि पूजा की जाती है। इस दोष के कारन पारिवारिक समृद्धि और ख़ुशी पर असर होता है।

त्रिपिंडी श्राद्ध:-

मृत व्यक्ति के आत्माओ की शांति के लिए, यह अनुष्ठान किया जाता है। आम तौर पर, यह अनुष्ठान परिवार के मुख्य पुरुष करते है।

कुंभ विवाह:-

यह एक धार्मिक अनुष्ठान है, जो मंगल ग्रह के वजह से निर्मित दोष को मिटाने के लिए की जाती है। यह ख़ास तौर पर मांगलिक व्यक्ति / दूल्हा और दुल्हन के कुंडली में स्थित दोष के कारन उनकी शादी में होने वाले देरी को समाप्त करने के लिए कुंभ ववाह किया जाता है। कुंभ विवाह का अर्थ मिटटी से बने बर्तन के साथ विवाह.

महामृत्युंजय जाप:-

इस जाप में भगवान शिव की पूजा होती है, और यह मुख्यतः रूप से सुखी जीवन पाने के लिए किया जाता है। सुबह ब्रह्मा मुहूरत में यह अनुष्ठान करने से अधिक लाभ होता है।

रूद्र अभिषेक:-

गुरूजी द्वारा सुजाए गए मुहूरत पे यह अनुष्ठान त्रिंबकेश्वर मंदिर में सम्पन्न होता है। इस अनुष्ठान में शिव लिंग का पंचामृत से अभिषेक होता है।

ऊपर दिए गए सभी अनुष्ठान त्र्यंबकेश्वर मंदिर में ताम्रपत्र धारी गुरूजी द्वारा बताये मुहूरत पर सम्पन्न होते है, केवल उन्हें ही त्र्यंबकेश्वर मंदिर में विभिन्न पूजा करने का जन्मसिद्ध अधिकार है। ऊपर दिए गए पूजा के साथ लघु रूद्र अभिषेक, महा अभिषेक, अति रूद्र अभिषेक, जल अभिषेक, महा शिवरात्रि पूजा , रूद्र चमक, नवग्रह शांति पूजा, योग शांति पूजा, कारन शांति पूजा आदी पूजाए भी त्र्यंबकेश्वर मंदिर में की जाती है।

आप उपरोक्त खण्ड (बटन) पर क्लिक करके पूजा करने के लिए त्र्यंबकेश्वर गुरूजी से सम्पर्क क्र सकते है।

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